रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने हजारीबाग में एनटीपीसी कोयला परियोजना के डीजीएम की गोली मारकर हत्या की घटना को स्तब्ध करने वाला बताया.
शनिवार को अपने बयान में मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भड़काऊ बयानों के चलते कोयला कारोबार प्रभावित हो रहा है और अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सात मार्च को रांची में एक कोयला कारोबारी पर जानलेवा हमला हुआ. मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने अपराधियों को उकसाकर कोयला कारोबार में खूनी संघर्ष की स्थिति पैदा कर दी है. उन्होंने सवाल उठाया कि कोयले के काले कारोबार में न जाने कितने निर्दोष लोगों की जान जाएगी.
उन्होंने दावा किया कि झारखंड के धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा में प्रतिदिन हजारों ट्रक कोयले की चोरी सरकारी तंत्र के संरक्षण में हो रही है. इस अवैध कारोबार से वसूली का पैसा नीचे से ऊपर तक बंटता है. यदि इस चोरी पर रोक नहीं लगी, तो हत्याएं और अपराध इसी तरह जारी रहेंगे. मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कोयला चोरी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई के लिए एसआईटी बनाना अच्छी पहल है, लेकिन इसे ईमानदार अधिकारियों के नेतृत्व में संचालित किया जाना चाहिए. जब तक रक्षक ही भक्षक बने रहेंगे, तब तक कोयला चोरी और उससे जुड़े अपराधों पर लगाम लगाना संभव नहीं होगा.
उन्होंने राज्य के डीजीपी से भी आग्रह किया कि कोयला कारोबार के सुरक्षित संचालन के लिए सभी परियोजना अधिकारियों, कर्मचारियों और व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
हिन्दुस्थान समाचार